MA English Chaiwali: टुकटुकी दास ने News18 से कहा, 'मेरा मानना है कि कोई भी काम छोटा नहीं होता. इसलिए मैंने भी एमबीए चायवाला के जैसे ही अपनी खुद की चाय की दुकान खोलने का फैसला किया था. शुरुआत में इसके लिए जगह खोजने में दिक्कत हो रही थी, लेकिन बाद में मैं इसमें सफल रही. अब मैं चाय और स्नैक्स बेचती हूं. क्योंकि मैं एमए हूं इसलिए मैंने दुकान का यह नाम रखा है.' टुकटुकी दास इसी सोच के साथ आगे बढ़ रही है कि कोई भी काम छोटा नहीं होता है.
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'MA इंग्लिश चायवाली'- इतना पढ़कर भी नहीं मिली नौकरी तो लड़की को खोलनी पड़ी चाय की दुकान
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November 06, 2021